Vishwas Kare Ki aap Safal ho sakte hain aur aap ho jayenge motivational story in Hindi | विश्वास करें कि आप सफल हो सकते हैं और आप हो जाएँगे की कहानी-Best Motivational Story in Hindi
best motivational Story Hindi, Hindi best motivational Story Vishwash kare ki Aap Safal Ho Sakte Hai Or Aap Ho Jayege,best Hindi Motivational Kahani Vishwash Kare Ki Aap Safal Ho Sakte Hai Or aap Ho Jayege Hindi Me. Kahani Motivational Safal Hindi, Success Story Life Kahani,Story Success,vishwash Safal, Kahani best HindiVishwas Kare Ki aap Safal ho sakte hain aur aap ho jayenge motivational story in Hindi सफलता यानी बहुत सी अद्भुत और अच्छी चीज़ें। सफलता का मतलब है अमीरी– शानदार घर, मज़ेदार छुट्टियाँ, यात्रा, नई चीजें, आर्थिक सुरक्षा, अपने बच्चों को ज़्यादा से ज़्यादा ख़ुशहाली देना। सफलता(success) का मतलब है प्रशंसा का पात्र बनना, लीडर बनना, अपने बिज़नेस(Business) और सामाजिक जीवन में सम्मान पाना। सफलता का मतलब है आज़ादी– चिंताओं, डर, कुंठाओं और असफलता से आज़ादी। सफलता का मतलब है आत्म – सम्मान, ज़िंदगी का असली सुख और जीवन में संतुष्टि, जो लोग आप पर निर्भर हैं उनके लिए अधिक से अधिक करने की क्षमता।
सफलता का मतलब है जीतना। सफलता – उपलब्धि – मनुष्य के जीवन का लक्ष्य है! हर इंसान सफलता चाहता है। हर इंसान चाहता है कि उसे ज़िंदगी का हर सुख मिले। कोई भी घिसट–घिसटकर औसत ज़िंदगी नहीं जीना चाहता। कोई भी सेकंड क्लास नहीं दिखना चाहता या इस तरह का जीवन नहीं गुज़ारना चाहता।
सफल जीवन का व्यावहारिक रास्ता हमें बाइबल की उस पंक्ति में दिखाया गया है जिसके अनुसार आस्था से पहाड़ हिलाए जा सकते हैं। विश्वास करें, सचमुच विश्वास करें कि आप पहाड़ हिला सकते हैं और आप वाक़ई ऐसा कर सकते हैं। अधिकतर लोगों को यह विश्वास ही नहीं होता कि उनमें पहाड़ हिलाने की क्षमता है। इसका परिणाम यह होता है कि वे ऐसा कभी नहीं कर पाते। किसी मौके पर आपने शायद किसी को यह कहते सुना होगा,
ji han motivational story in Hindi Vishwas Kare Ki aap Safal ho sakte hain aur aap ho jayenge- Motivational Kahani in Hindi
“यह सोचना बकवास है कि आप किसी पहाड़ को यह कहकर हिला सकते हैं, ‘पहाड़, मेरे रास्ते से हट जाओ।’ यह असंभव है। ” जो लोग इस तरह से सोचते हैं उन्होंने आस्था और इच्छा के बीच के अंतर को ठीक से नहीं समझा है। यह सच है कि केवल इच्छा करने भर से आप पहाड़ को नहीं हटा सकते। केवल इच्छा करने भर से आप एक्ज़ीक्यूटिव नहीं बन जाते। केवल इच्छा करने भर से आप पाँच बेडरूम और तीन बाथ वाले घर के मालिक नहीं बन जाते या आप अमीर नहीं बन जाते।केवल इच्छा करने भर से आप लीडर नहीं बन जाते। परंतु अगर आपमें विश्वास हो, तो आप पहाड़ को हिला सकते हैं अगर आपको अपनी सफलता का विश्वास हो, तो इस विश्वास के सहारे आप सफलता हासिल कर सकते हैं। विश्वास की शक्ति के बारे में कुछ भी जादुई या रहस्यमय नहीं है। विश्वास इस तरह काम करता है। “मुझे विश्वास है कि मैं यह कर सकता हूँ” वाला रवैया हमें वह शक्ति, योग्यता और ऊर्जा देता है जिसके सहारे हम वह काम कर पाते हैं।
Motivational Kahani Hindi Vishwas Kare Ki aap Safal ho sakte hain aur aap ho jayenge motivational story in Hindi(Moticational कहानी हिंदी विश्वास करे की आप सफल हो सकते है और आप हो जायेगे की कहानी हिंदी
जब आपको यकीन होता है कि आप कोई काम कर सकते हैं, तो आपको अपने आप पता चल जाता है कि इसे कैसे किया जा सकता है। हर दिन देश भर में युवा लोग नई नौकरियाँ शुरू कर रहे हैं। ये सभी युवक–युवतियाँ “चाहते” हैं कि किसी दिन वे सफलता की चोटी पर पहुँचें और सफल बनें। परंतु इनमें से ज़्यादातर लोगों लोगों को को यह विश्वास नहीं है कि वे कभी चोटी पर पहुँच पाएँगे। और इसी, कारण वे चोटी पर नहीं पहुँच पाते।अगर आप यह मान लेते हैं कि चोटी पर पहुँचना असंभव है, तो आप उन सीढ़ियों को नहीं ढूँढ़ पाएँगे जिनके सहारे आप चोटी पर पहुँच सकते हैं। ऐसे लोग ज़िंदगी भर “औसत” व्यक्तियों की तरह ही व्यवहार करते रहते हैं। परंतु इनमें से कुछ युवक–युवतियों को विश्वास होगा कि वे सफल हो सकते हैं। वे अपने काम के प्रति “मैं चोटी पर पहुँचकर दिखाऊँगा” वाला रवैया रखते हैं। और चूँकि उनमें ज़बर्दस्त विश्वास होता है इसलिए वे चोटी पर पहुँच जाते हैं। Vishwas Kare Ki aap Safal ho sakte hain aur aap ho jayenge motivational story in Hindi
यह जानते हुए कि वे भी सफल हो सकते हैं – और ऐसा असंभव नहीं है – यह लोग अपने वरिष्ठ एक्ज़ीक्यूटिब्ज़ के व्यवहार को ध्यान से देखते हैं। वे सीखते हैं कि सफल लोग किस तरह समस्याओं को सुलझाते हैं और निर्णय लेते हैं। वे सफल लोगों के रवैए को ध्यान से देखते हैं। जिस आदमी को विश्वास होता है कि वह काम कर लेगा, उसे हमेशा उस काम को करने का तरीक़ा सूझ जाता है।
मेरी एक परिचित महिला ने दो साल पहले यह फ़ैसला किया कि वह मोबाइल होम बेचने की सेल्स एजेंसी बनाएगी। उसे कई लोगों ने सलाह दी कि उसे ऐसा नहीं करना चाहिए, क्योंकि वह ऐसा नहीं कर पाएगी। उस महिला के पास पूँजी के नाम पर सिर्फ़ 3000 डॉलर थे और उसे बताया गया कि इस काम को शुरू करने के लिए इससे कई गुना ज़्यादा पूँजी की ज़रूरत होती है। उसे समझाया गया, “इसमें प्रतियोगिता बहुत है। और इसके अलावा, आपको मोबाइल होम्स बेचने का कोई अनुभव भी नहीं है।
आपको बिज़नेस चलाने का अनुभव भी नहीं है।” परंतु इस युवा महिला को अपनी क्षमताओं पर विश्वास था। उसे विश्वास था कि वह सफल होगी। वह मानती थी कि उसके पास पूँजी नहीं थी, कि बिज़नेस में सचमुच बहुत प्रतियोगिता थी, और यह कि उसके पास अनुभव नहीं था। “परंतु, ” उसने कहा, “मुझे यह साफ़ दिख रहा है कि मोबाइल होम उद्योग तेज़ी से फैलने जा रहा है। इसके अलावा, मैंने अपने इस बिज़नेस में प्रतियोगिता का अध्ययन कर लिया है।
मैं जानती हूँ कि मैं इस बिज़नेस को इस शहर में सबसे अच्छे तरीके़ से कर सकती हूँ। मैं जानती हूँ कि मुझसे थोड़ी–बहुत ग़लतियाँ तो होंगी, परंतु मैं चोटी पर तेज़ी से पहुँचना चाहती हूँ।” और वह पहुँच गई। उसे पूँजी जुटाने में कोई ख़ास समस्या नहीं आई।
इस बिज़नेस में सफलता के उसके दृढ़ विश्वास को देखकर दो निवेशकों ने उसके व्यवसाय में निवेश करने का जोखिम लिया। और संपूर्ण आस्था के सहारे उसने ‘असंभव’ को कर दिखाया– उसने बिना पैसा दिए एक ट्रेलर निर्माता से माल एडवांस ले लिया।
पिछले साल उसने 1,000,000 डॉलर से ज़्यादा क़ीमत के ट्रेलर बेचे। “अगले साल,” उसका कहना है, “मुझे उम्मीद है कि मैं 2,000,000 डॉलर का आँकड़ा पार कर जाऊँगी।” विश्वास, दृढ़ विश्वास, मस्तिष्क को प्रेरित करता है कि वह लक्ष्य को प्राप्त करने के तरीके़, साधन और उपाय खोजे। और अगर आप यक़ीन कर लें कि आप सफल हो सकते हैं, तो इससे दूसरे भी आप पर विश्वास करने लगते हैं।
ज़्यादातर लोग विश्वास की शक्ति में भरोसा नहीं करते। परंतु कई लोग करते हैं, जैसे अमेरिका के सक्सेसफु़ल विले में रहने वाले नागरिक। कुछ सप्ताह पहले मेरे एक दोस्त ने जो स्टेट हाइवे डिपार्टमेंट में अधिकारी है मुझे एक “पहाड़ हिलाने वाला” अनुभव बताया । “पिछले महीने,” मेरे दोस्त ने बताया, “हमारे विभाग ने कई इंजीनियरिंग कंपनियों को टेंडर नोटिस दिए।
हमें अपने हाइवे बनाने के लिए किसी फ़र्म से आठ पुलों की डिज़ाइन बनवानी थी। पुलों की लागत 5,000,000 डॉलर थी। जिस भी इंजीनियरिंग फ़र्म को चुना जाता, उसे डिज़ाइनिंग के काम के लिए 4 प्रतिशत का कमीशन दिया जाना प्रस्तावित था यानी 2,00,000 डॉलर। “मैंने इस बारे में 21 डिज़ाइनिंग फ़म्र्स से बात की। सबसे बड़ी चार फ़र्मों ने तो तत्काल प्रस्ताव भेज दिए। बाक़ी 17 कंपनियाँ छोटी थीं, जिनमें केवल 3 से 7 इंजीनियर ही थे। प्रोजेक्ट इतना बड़ा था कि इनमें से 16 तो इसके बड़े आकार को देखकर ही घबरा गईं।
उन्होंने इतने बड़े प्रोजेक्ट को देखा, अपने सिर को हिलाया और इस तरह की बात कही, ‘यह हमारे लिए बहुत बड़ा प्रोजेक्ट है। काश हम इसे कर पाते, परंतु कोशिश करने से कोई फ़ायदा नहीं।’ “परंतु इनमें से एक छोटी फ़र्म ने, जिसके पास केवल तीन इंजीनियर थे, प्रोजेक्ट का अध्ययन किया और कहा, ‘हम इसे कर सकते हैं।
हम एक प्रस्ताव तो भिजवा ही देते हैं।’ उन्होंने प्रस्ताव भिजवाया, और उन्हें वह काम मिल गया।” जिन्हें यक़ीन होता है कि वे पहाड़ हिला सकते हैं, वे ऐसा कर पाते हैं। जिन्हें यक़ीन होता है कि वे पहाड़ नहीं हिला सकते, वे ऐसा नहीं कर पाते। विश्वास से ही ऐसा करने की शक्ति मिलती है।
दरअसल, आज के आधुनिक दौर में विश्वास के दम पर पहाड़ हिलाने से भी ज़्यादा बड़ी चीजें करना संभव है। आज के अंतरिक्ष अन्वेषण कार्यक्रम का सबसे मूलभूत तत्व यह है कि अंतरिक्ष को जीता जा सकता है। मनुष्य अंतरिक्ष में यात्रा कर सकता है, इस दृढ़ विश्वास के बिना हमारे वैज्ञानिकों में वह साहस, उत्साह, और रुचि पैदा नहीं हो पाती जिससे उन्हें आगे बढ़ने का हौसला मिलता।
यह विश्वास कि कैंसर का इलाज किया जा सकता है, हमें इस बात के लिए प्रेरित करता है कि हम इसके उपचार को खोजें और अंततः ऐसा उपचार हम खोज ही लेंगे। अभी यह चर्चा चल रही है कि इंग्लिश चैनल के नीचे एक टनल बनाई जाए और इंग्लैंड को महाद्वीप से जोड़ दिया जाए। यह टनल बन पाएगी या नहीं, यह इस बात पर निर्भर करता है कि इसे बनाने वाले लोगों के पास ऐसा कर पाने का विश्वास है या नहीं।
प्रबल विश्वास ही वह शक्ति है जो महान पुस्तकों, नाटकों, वैज्ञानिक खोजों के पीछे होती है। सफलता में विश्वास ही हर सफल बिज़नेस, चर्च और राजनीतिक संगठन के पीछे होता है। सफलता में विश्वास ही वह मूलभूत, अनिवार्य तत्व है जो हर सफल व्यक्ति में पाया जाता है। विश्वास करें, सचमुच विश्वास करें, कि आप सफल हो सकते हैं और आप हो जाएँगे। बरसों तक मैंने ऐसे कई लोगों से बात की है जो अपने बिज़नेस या दूसरे करियर में असफल हो गए थे।
मैंने असफलता के बहुत से कारण और बहुत से बहाने सुने हैं। असफलता के बारे में हुई इन चर्चाओं में हमें एक महत्वपूर्ण जानकारी मिली। असफल आदमी के मुँह से इस तरह की कोई न कोई बात ज़रूर सुनने में आई,
“सच कहूँ तो, मुझे लग ही नहीं रहा था कि हम सफल हो पाएँगे” या “मैंने काम शुरू किया उसके पहले ही मुझे इसकी सफलता पर शक हो रहा था” या “दरअसल जब यह असफल हुआ तो मुझे ज़रा भी हैरानी नहीं हुई।” “ठीक – है – मैं – कोशिश – करके – देखता – हूँ – पर – मुझे – नहीं – लगता – कि – यह – होगा” वाले रवैए की वजह से ही आदमी असफल होता है।
अविश्वास नकारात्मक शक्ति है। जब मस्तिष्क किसी बात पर अविश्वास करता है या किसी बात पर संदेह करता है तो मस्तिष्क ऐसे “कारणों” को खोज लेता है जिससे उस अविश्वास को बल मिले। ज्यादातर असफलताओं के लिए ज़िम्मेदार हैं : शंका, अविश्वास, असफल होने की अवचेतन इच्छा व सफल होने की सच्ची इच्छा न होना। शंका करें और असफल हो जाएँ।
जीत के बारे में सोचें और सफल हो जाएँ। एक युवा कहानीकार अपनी लेखन महत्वाकांक्षाओं को लेकर मुझसे हाल में मिली। चर्चा उसके क्षेत्र के एक महान लेखक के बारे में होने लगी। “ओह, ” उसने कहा, “मिस्टर एक्स असाधारण लेखक हैं, परंतु मैं उनके जितनी सफल नहीं हो सकती।” उसके रवैए से मुझे बहुत निराशा हुई,
क्योंकि मैं उस मिस्टर एक्स को जानता हूँ। उनमें न तो असाधारण बुद्धि है, न ही असाधारण प्रेरणा है, न ही वे किसी और बात में सुपर हैं, उनमें केवल एक ही बात असाधारण है और वह है उनका असाधारण आत्मविश्वास। उन्हें दृढ़ विश्वास है कि वे सर्वश्रेष्ठ लेखक हैं और इसीलिए वे सर्वश्रेष्ठ लिखते हैं। लीडर का सम्मान करना अच्छी बात है। उससे सीखें। उसे ध्यान से देखें। उसका अध्ययन करें। परंतु उसकी पूजा न करें।
यह विश्वास करें कि आप उससे आगे निकल सकते हैं। यह विश्वास करें कि आप उससे ऊपर जा सकते हैं। जिन लोगों का रवैया सेकंड क्लास होता है वे सेकंड क्लास काम ही कर पाते हैं। इसे इस तरह से देखें। विश्वास ही वह थर्मोस्टेट है जो हमारी उपलब्धियों को नियमित करता है। उस व्यक्ति का अध्ययन करें जो औसत ज़िंदगी के जाल में उलझा हुआ है। उसे विश्वास है कि वह अयोग्य है, इसीलिए उसे अयोग्य समझा जाता है।
वह मानता है कि वह बड़े काम नहीं कर सकता और इसीलिए वह उन्हें नहीं कर पाता। वह मानता है कि वह महत्वपूर्ण नहीं है, इसलिए जो भी वह करता है वह काम महत्वहीन बन जाता है। समय के साथ–साथ आत्मविश्वास का अभाव उसकी बातों, चाल–ढाल और कामों में दिखने लगता है। जब तक कि वह अपने थर्मोस्टेट को फिर से संतुलित नहीं करेगा, तब तक वह सिकुड़ता रहेगा, बौना होता जाएगा और अपनी नज़रों में छोटा होता जाएगा।
और चूँकि दूसरे हममें वही देखते हैं जो हम अपने आपमें देखते हैं इसलिए वह अपने आस–पास के लोगों की नज़रों में भी छोटा होता जाएगा। अब उस व्यक्ति की तरफ़ देखें जो आगे बढ़ रहा है। उसे विश्वास है कि वह योग्य है और इसलिए बाक़ी लोग भी उसे योग्य समझते हैं।
उसे विश्वास है कि वह बड़े, कठिन काम कर सकता है– और इसलिए वह इन्हें कर लेता है। जो भी वह करता है, जिस तरह भी वह लोगों से बात करता है, उसका चरित्र, उसके विचार, उसका दृष्टिकोण; सभी बातों में यह झलकता है कि “यह व्यक्ति प्रोफ़ेशनल है। यह एक महत्चपूर्ण व्यक्ति है।” कोई भी व्यक्ति वैसा ही होता है, जैसे उसके विचार होते हैं। बड़ी बातों में यक़ीन करें। अपने थर्मोस्टेट को आगे की तरफ़ सेट करें। अपने सफलता के अभियान की शुरुआत इस सच्चे, संजीदा विश्वास से करें कि आप सफल हो सकते हैं।
अगर आपको यकीन है कि आप महान बन सकते हैं तो आप सचमुच महान बन जाएँगे। कई साल पहले मैं डेट्रॉइट में एक बिज़नेसमेन समूह को संबोधित कर रहा था। चर्चा के बाद एक व्यक्ति मेरे पास आया और उसने अपना परिचय देने के बाद कहा, “मुझे आपकी बातें पसंद आई। क्या आप मुझे कुछ मिनट का समय दे सकते हैं? मैं आपके साथ अपने व्यक्तिगत अनुभव पर चर्चा करना चाहता हूँ।
” कुछ ही समय बाद एक रेस्तराँ में बैठे हुए थे। “मेरा एक अनुभव है,” उसने शुरू किया, “जो आपकी इस की चर्चा से संबंधित था, जिसमें आपने कहा था कि आप किस दिमाग़ को अपना सहयोगी बनाएँ, न कि अपना विरोधी। मैंने तरह आज तक यह किसी को नहीं बताया है कि मैंने किस तरह अपने आपको औसत लोगों लोगों दुनिया से ऊपर उठाया है, परंतु मैं आपको, यह बताना चाहता हूँ ।”
“और मैं यह सुनना चाहूँगा,” मैंने कहा। “आज से पाँच साल पहले मैं भी औरों की ही तरह था– मेरी ज़िंदगी घिसट भर रही थी। मेरी कमाई औसत थी। परंतु यह आदर्श नहीं थी। हमारा घर बहुत छोटा था और हमारे पास अपनी मनचाही चीज़ों को ख़रीदने के लिए पैसे नहीं रहते थे। मेरी पत्नी, भगवान उसका भला करे, इस बात की शिकायत नहीं करती थी,
परंतु उसके चेहरे पर यह साफ़ लिखा हुआ था कि उसने भाग्य के सामने हार मान ली है और वह सचमुच ख़ुश नहीं है। अपने अंदर मैं बहुत असंतुष्ट महसूस कर रहा था। जब मैंने देखा कि मैं किस तरह अपनी अच्छी पत्नी और दो बच्चों को आदर्श जीवनशैली नहीं दे पा रहा हूँ, तो मुझे अंदर से बहुत चोट पहुँची।” “परंतु आज सब कुछ बदल गया है,”
मेरे दोस्त ने कहा। “आज हम दो एकड़ के प्लॉट पर बने अपने सुंदर नए घर में रहते हैं, जो यहाँ से दो सौ मील दूर है। आज हमें इस बात की चिंता नहीं है कि हम अपने बच्चों को अच्छे कॉलेज में भेज पाएँगे या नहीं। आज मेरी पत्नी जब नए कपड़े ख़रीदती है तो उसे यह नहीं लगता, जैसे उसने कोई गुनाह कर दिया है। अगली गर्मियों में हम लोग एक महीने की छुट्टियाँ मनाने यूरोप जा रहे हैं। हम सचमुच ज़िंदगी का आनंद ले रहे हैं।”
Hindi Motivational Kahani Vishwash Kare Ki Aap Safal Ho Sakte Hai Or aap Ho Jayege
“ऐसा कैसे हुआ?” मैंने पूछा। उसका जवाब था, “आपने आज रात एक बात कही थी, ‘अपने विश्वास की शक्ति का दोहन करें।’ मैंने वही किया और परिणाम आपके सामने पाँच साल पहले मैंने डेट्रॉइट की एक टूल – एंड – डाई कंपनी के बारे में सुना। हम उस वक़्त क्लीवलैंड में रह रहे थे।मैंने फैसला किया कि कोशिश करने में हर्ज़ ही क्या है, शायद यहाँ थोड़ी ज़्यादा तनख़्वाह मिल जाए। मैं यहाँ रविवार की शाम को ही आ गया, जबकि इंटरव्यू सोमवार को था। “डिनर के बाद मैं अपने होटल के कमरे में बैठा हुआ था और न जाने क्यों, मैं ख़ुद को कोसने लगा, ‘आख़िर क्यों,’ मैंने ख़ुद से पूछा, ‘आख़िर क्यों, मैं एक असफल आदमी की तरह मिडिल क्लास के दलदल में फँसा हुआ हूँ?
आख़िर क्यों थोड़ी ज़्यादा तनख़्वाह के लिए मैं यह नौकरी हासिल करने की कोशिश कर रहा हूँ ?’ “मैं आज तक यह नहीं जान पाया कि मैंने ऐसा क्यों किया, परंतु इसके बाद मैंने होटल का नोटपैड लिया। नोटपैड में मैंने अपने से ज़्यादा सफल पाँच लोगों के नाम लिखे, जिन्हें मैं वर्षों से जानता था और जिनकी आमदनी और नौकरी मुझसे काफ़ी बेहतर थीं। दो तो मेरे पुराने पड़ोसी थे जो अब एक पॉश कॉलोनी में रहते थे। दो लोगों के लिए मैं पहले काम किया करता था और एक मेरा रिश्तेदार था।
“इसके बाद– मैंने ख़ुद से पूछा कि मेरे इन पाँच दोस्तों में ऐसा क्या था जो मुझमें नहीं था। मैंने अपनी और उनकी बुद्धि की तुलना की और ईमानदारी से विश्लेषण करने पर यह पाया कि जहाँ तक बुद्धि का सवाल था, वे मुझसे बेहतर नहीं थे। न ही वे मुझसे शिक्षा, चरित्र या व्यक्तिगत आदतों में बेहतर थे। “आख़िरकार मैं सफलता के एक ऐसे गुण पर आया, जिसके बारे में काफ़ी चर्चा होती है। पहल करना।
मुझे यह मानने में काफ़ी दिक़्क़त हुई, पर इसे मानने के सिवा कोई चारा नहीं था। इस मामले में मेरा रिकॉर्ड उनकी तुलना में काफ़ी नीचे था। “यह सब सोचते–सोचते सुबह के 4 बज गए, परंतु मेरा दिमाग़ बिलकुल स्पष्ट सोच रहा था। जीवन में पहली बार मैं अपनी कमज़ोरी को देख पाया था। मैंने पाया कि इसी चीज़ के कारण मैं जीवन में इतना पीछे रह गया था।
मैंने हमेशा सहारे के लिए अपने साथ एक छोटी छड़ी रखी थी। मैं अपने अंदर जितनी गहराई तक गया, मैंने पाया कि मैं इसलिए पहल नहीं करता था, क्योंकि मुझे अंदर से यह विश्वास नहीं था कि मैं ऐसा कर सकता था, कि मैं सचमुच इस क़ाबिल हूँ। “पूरी रात मैं यही सोचता रहा कि आत्मविश्वास की कमी के कारण ही मैंने अपने मस्तिष्क को अपना विरोधी बना लिया था।
मैंने पाया कि मैं ख़ुद को यही बताता था कि मैं आगे क्यों नहीं बढ़ सकता, जबकि मुझे ख़ुद को यह बताना चाहिए था कि मुझे आगे क्यों बढ़ना चाहिए। मैं अपने आपको सस्ते में बेच रहा था। अपनी नज़रों में गिरा होने के कारण ही मैं लोगों की नज़रों में भी गिरा हुआ था। यह मेरी हर बात में स्पष्ट रूप से दिख रहा था। तभी मुझे यह समझ में आया कि जब तक मैं ख़ुद में विश्वास नहीं करूँगा, तब तक कोई दूसरा भी मुझ पर विश्वास नहीं करेगा।
अगर आपको यह लेख पढ़ कर कुछ सिखने को मिला है तो अपने दोस्तों के साथ जरुर शेयर करे और अपने राय, विचार और सुझाव कमेंट के माध्यम से भेज सकते है


This post have 0 टिप्पणियाँ
EmoticonEmoticon